सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत, पति की दीर्घायु की कामना गरियाबंद में हरितालिका तीजा का रंगारंग आयोजन, पुराना मंगल बाजार बना आस्था और लोकसंस्कृति का केंद्र
सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत, पति की दीर्घायु की कामना गरियाबंद में हरितालिका तीजा का रंगारंग आयोजन, पुराना मंगल बाजार बना आस्था और लोकसंस्कृति का केंद्र गरियाबंद/भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया, 27 अगस्त 2025। छत्तीसगढ़ी संस्कृति का जीवंत पर्व तीजा (हरितालिका तीज) गरियाबंद जिले में मंगलवार को पूरे उत्साह, आस्था और परंपरागत लोक रंग के साथ धूमधाम से मनाया गया। भगवान शिव और माता पार्वती के अखंड मिलन का प्रतीक यह पर्व पूरे जिले के साथ ही मुख्यालय स्थित पुराना मंगल बाजार में आस्था का केंद्र बना रहा।सैकड़ों सुहागिन महिलाएं और युवतियां दिनभर निर्जला व्रत रखकर शिव–पार्वती की आराधना करती रहीं। पारंपरिक श्रृंगार, लोकगीतों की गूंज और भक्ति रस से सराबोर यह आयोजन छत्तीसगढ़ी संस्कृति की अनोखी छटा बिखेरता दिखा। हरितालिका तीज का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरितालिका तीज व्रत किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधिविधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है। वहीं, कुंवार...