प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम में गरियाबंद का डेडिकेटेड कोविड अस्पताल भी शामिल*
प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम में गरियाबंद का डेडिकेटेड कोविड अस्पताल भी शामिल
19 मई 2021।। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा विगत दिनों देश में संचालित चुनिंदा 120 कोविड अस्पताल से देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सीधा संवाद कार्यक्रम वीसी के माध्यम से रखा गया था जिसमें गरियाबंद जिले में संचालित डेडिकेटेड कोविड अस्पताल के चिकित्सक डॉ. जय पटेल एवं डॉ. नेमेश साहू को उल्लेखनीय कार्य करने के कारण सम्मिलित किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ से मात्र 05 कोविङ अस्पताल (04 मेडिकल कॉलेज रायपुर, अम्बिकापुर, जगदलपुर एवं रायगढ़, 01 डेडिकेटेड कोविड
अस्पताल, गरियाबंद) के चिकित्सकों को शामिल किया गया था। गरियाबंद जैसे छोटे व नवीन जिले के कोविड अस्पताल का संवाद में शामिल होना जिले वासियों के लिए हर्ष का विषय है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नवरत्न ने बताया कि कलेक्टर ,मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत के सहयोग एवं निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एन.आर, नवरत्न, सिविल सर्जन डॉ. जी.एल.टण्डन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. रीनालक्ष्मी के मार्गदर्शन में राज्य स्तर पर डेडिकेटेड कोविड अस्पताल,
गरियाबंद की रैकिग शीर्ष पायदान पर ही रही है। यहां कार्यरत् चिकित्सकीय एवं अन्य स्टाफ के समर्पण एवं सेवा भाव के कारण ही यह संभव हो पाया है।
कलेक्टर श्री निलेश क्षीरसागर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंद्रकांत वर्मा के
प्रयासों से जिले के डेडिकेटेड कोविड अस्पताल के बेहतर उपचार व संचालन को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा प्राथमिकता आधार पर 06 उच्च गुणवत्तापूर्ण वेन्टीलेटर प्रदान किये गये हैं। वर्तमान में
डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में केवल 02 ही वेन्टीलेटर संचालित थे। गंभीर मरीजों के बेहतर उपचार हेतु इसका उपयोग जीवनदायिनी साबित हो सकता है। जिला प्रशासन ने शासन स्तर पर निरंतर समन्चय किया गया जिसके परिणाम स्वरूप उक्त वेन्टीलेटर्स प्रदान किये गये हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. एन.आर. नवरत्न ने बताया कि उक्त वेन्टीलेटर्स से डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में अधिक से अधिक गंभीर मरीजों का ईलाज और बेहतर ढंग से किया जा सकेगा तथा जिले के मृत्यु दर में कमी लाने का प्रयास किया जावेगा।
जिले में टीकाकरण कार्य तेजी से जारी है। इस दौरान गरियाबंद की रहने वाली 23 वर्षीय नेत्रहीन दिव्यांग कुमारी मोनिका वैष्णव ने टीका लगाकर हौसला और सजगता का परिचय दिया है । दोनो आंखों से दिव्यांग मोनिका ने कहा कि मैं आंखों से तो नहीं देख सकती लेकिन अपने दिल से यह महसूस करती हूं कि कोरोना कितना भयावह है। मैं समझती हूं कि इसका इलाज टीकाकरण है। उन्होंने टीकाकरण से डरने वाले लोगो से कहा की जब मैं टीका के लिए तैयार हो सकती हूं तो बाकी लोग क्यों नहीं। वह अपने भाई अंकुश के साथ टीका लगाने मंगलवार को जिला चिकित्सालय पहुंची थी।



