दंतैल हाथी ने महिला को कुचला, मौके पर मौत, दो ने भागकर बचाई जान

महासमुंद। दंतैल हाथी ने फिर एक महिला की जान ले ली है। वहीं मृतिका का पति और भांजी ने भाग कर अपनी जान बचाई। मृतिका का नाम बिसाहिन बाई लोहार उम्र 40 वर्ष बताया जा रहा है। घटना जिले के ग्राम धरमपुर का है। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम धरमपुर से प्रेम सागर लोहार अपनी पत्नी बिसाहिन बाई लोहार 40 वर्ष एवं भांजी के साथ बाइक में बिजराडीह की ओर जा रहा था। अचानक से दो हाथी शासन द्वारा पाले हुए प्रकट हुए इस रास्ते में इस शासन के जानलेवा हाथी से उनका सामना हो गया। दहशत में आकर घटनास्थल पर अपनी वाहन रोका तभी एक हाथी ने बिसाहिन बाई को अपनी चपेट में ले लिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मृतिका का पति और भांजी ने भाग कर अपनी जान बचाई। बताया जा रहा है कि यह क्षेत्र वन विभाग केे कक्ष क्रमांक 89,90 का है। तीनों बाइक में सवार होकर रोजगार गारंटी के तहत चल रहे तालाब गहरीकरण कार्य किए जाने के सिलसिले में निकले थे। इसी दौरान घटना घटित हुई। यहां पदस्थ डिप्टी रेंजर कमल नारायण नामदेव ने बताया कि घटना की जानकारी तत्काल मिल गई थी, क्योंकि महासमुंद एवं बागबाहरा का वन विभाग अमला हाथी से बचाव को लेकर सतत सर्च कर रहा है। खबर मिलते ही वन विभाग हरकत में आया तथा पीड़ित परिवार को उप वन मंडल अधिकारी शिव शंकर नाविक एवं परिक्षेत्र अधिकारी विकास चंद्राकर की ओर से पीड़ित परिवार को 25 हजार रुपए सहायता राशि प्रदान की गई है। घटना की जानकारी पुलिस विभाग को दी जा चुकी है। मृतिका की लाश पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा। वही इस हृदय विदारक घटना पर क्षेत्र के हाथी भगाओ फसल बचाव के संयोजक राधेलाल सिन्हा ने दुख व्यक्त किया है।
अब सवाल यह उठता है कि इस प्रकार से हाथी का पाला जाना कहां तक सुरक्षित है इनको एक निश्चित एरिया में पाला जाना चाहिए ,इस पर से कई बार जनप्रतिनिधि मांग कर चुके हैं प्रशासन ध्यान नहीं दे रही है वन विभाग की लोगों को इस प्रकार से मरने पर 25000 तुरंत देना ही प्राथमिकता रह गई है सोचने का विषय है। कई घटना हो चुकी आगे किसकी पारी इंतजार करते रहिए? हमारा लिखने का उद्देश्य जीव जंतु के खिलाफ नहीं है लेकिन उसके पालने की दिशा में मनुष्य की सुरक्षा जरूरी है इसका ध्यान रखना जरूरी है।