नूतन साहू आज फिर राखी त्यौहार के भाई बहन के प्यार को कविता के माध्यम से पिरोया है
हमेशा सामायिक विषय पर लिखने वाले कवि कार और पंचायत इंस्पेक्टर
नूतन साहू आज फिर राखी त्यौहार के भाई बहन के प्यार को कविता के माध्यम से पिरोया है
रखी का त्योहार
भाई बहना के नेह का है
राखी त्यौहार
काश ऐसा ही,कोई त्यौहार आता
भाई भाई भी,जीवन भर संग रहने का
मिलकर करते वायदा
गर्दिश के दिन लद जाता
जीवन में होता,आनंद ही आनंद
हम है कुछ दिन का मेहमान
घर मंदिर जैसा,बन जाता
भाई बहना के नेह का है
राखी त्यौहार।
जिसको देखों,वो चाहता है
बंगला मोटर कार
काश सभी का चाहत होता
सच्चाई और प्यार
दुःख में भी सुख ढूंढ ही लेता
आपस में भाई बहना
काश ऐसा ही,कोई त्यौहार आता
भाई भाई भी,जीवन भर संग रहने का
मिलकर करते वायदा
भाई बहना के नेह का है
राखी त्यौहार।
समझाया है चाणक्य ने
सब देवों से बड़ा होता है
सिर्फ और सिर्फ
माता पिता का आशीर्वाद
जोड़ लिया जिस शख्स ने
रब से दिल के तार
घर ही बन जाता है प्यारे
सारे तीरथ धाम
भाई बहना के नेह का हराखी त्यौहार
नूतन लाल साहू
