लू लगने के लक्षण एवं बचाव के उपाय
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गरियाबंद
20 अप्रैल 2022 / ग्रीष्म ऋतु के मौसम में तापमान में वृद्वि के चलते अप्रैल से जून माह के दौरान भीषण गर्मी पड़ने तथा लू चलने की संभावना है। जिससे आम जनजीवन व स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जिसे देखते हुए कलेक्टर नम्रता गांधी ने जिलेवासियों से आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय करने की अपील की है। वही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एन.आर. नवरत्न ने बताया कि गर्मियों में लू लगने की समस्या आम है।
अंग्रेजी मे इसे हीट स्ट्रोक और सनस्ट्रोक के नाम से जाना जाता है। जब तापमान चरम पर होता है और गर्म हवा के झोकें चलते हैं तब लू लग सकती है, इसमें हमारे शरीर के द्रव सूखने लगते है, जिससे पानी और नमक की कमी हो जाती है और लू लगने का खतरा उत्पन्न हो जाता है। लू लगने पर शरीर में गर्माहट और थकावट महसूस होने लगती है लू लगने के कारण कई और मामूली बीमारियां जैसे की हीट एडेमा, शरीर का सूजना, हीट रैशेस ,हीट क्रैम्प्स, शरीर में अकड़न और बेहोशी आदि भी हो सकती है। चिकित्सकीय भाषा में शरीर के तापमान को 105 डिग्री फारेनहाइट से अधिक रहने पर और शरीर के सेंट्रल नर्वस सिस्टम में जटिलताओं के पेश आने पर लू लगना कहते है।
लू लगने के लक्षण
लू लगने पर शरीर में गर्माहट, सिरदर्द, कमजोरी, शरीर टूटना, बार-बार मुंह सूखना, उल्टी चक्कर, सांस लेने में तकलीफ, दस्त और कई बार निढाल या बेहोशी जैसे लक्षण नजर आते हैं, ध्यान रहे कि लू लगने पर पसीना नही आता है। लू लगने पर ऑंखों में जलन भी होती है। लू लगने के कारण अचानक बेहोशी व अंततः रोगी की मौत तक हो सकती है। इसमें निम्न रक्तचाप और लिवर-किडनी में सोडियम पोटैशियम का संतुलन बिगड़ जाता है, इसलिए बेहोशी भी आ सकती है, इसके अलावा ब्रेन या हार्ट स्ट्रोक की स्थिति भी बन सकती है। इस दौरान शरीर का तापमान एकदम से बढ़ जाता है अक्सर बुखार बहुत ज्यादा 105 से 106 डिग्री फॉरेनहाईट तक पहुॅच जाता है। हाथ और पैरों के तलुओं में जलन होती रहती है।
लू लगने के सामान्य उपचार
लू लगने वाले व्यक्ति को आसानी से कुछ सामान्य उपचार के जरिए भी बचाया जा सकता है-
जब भी बाहर गर्मी चरम पर हो तो कम से कम बाहर निकलकर लू से बचा जा सकता है लेकिन यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो अधिक से अधिक पानी पीकर निकलें ध्यान रहे कि खाली पेट न निकलें। पीड़ित व्यक्ति को सबसे पहले छांव में लायें, फिर उसके लिए हवा का इंतजाम करें, गमी के कारण शरीर का तापमान हुई वृद्वि छाया में आने से तापमान सामान्य आना शुरू हो जाता है । उस व्यक्ति को नमक शक्कर और पानी का घोल मुॅंह से पिलायें, बेहतरी के लिए शरीर पर हल्का सा गर्म पानी भी छिड़क सकतें है। चाहे तो गीली चादर में लपेटकर भी तापमान को कम करने का प्रयास कर सकतें हैं। हाथ पैर की मालिश करें जिससे रक्त संचरण प्रभावित होता है। संभव हो तो बर्फ के टुकड़े कपड़े में लपेटकर गर्दन, बगलों और जांघों पर रखे इससे गर्मी जल्दी निकलती है। धूप में घर से बाहर निकलें तो छतरी एवं टोपी का इस्तेमाल करें, नंगे बदन और नंगे पैर धूप में ना खड़ें हो।
तरल पदार्थाे के रूप में आप नींबू पानी, आम पना, छाछ, लस्सी, नारियल पानी, बेल या नींबू का शर्बत जैसे तरल पदार्थों का उपयोग करते रहें। ढीले और सूती कपड़े पहनना ज्यादा उचित होता है। अचानक से गर्मी से एकदम ठंडे कमरें मे ना जाएं। जितना हो सके हरी सब्जियों का सेवन करें, खीरा, ककड़ी एवं अन्य फलों का भरपूर सेवन करें। यदि आपके पास सुविधा हो तो ठंडे वातानुकूलित कमरे में रहें। लू लगने के लक्षण एवं बचाव के उपाय का तापमान तेज होने पर सिर पर ठंडी पट्टी रखें। अधिक पसीना आने पर ओ.आर.एस का घोल पिए जो कि मितानिन के पास मुफ्त में उपलब्ध है।
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विश्व डेंगू दिवस
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत 16 मई 2022 को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाना है। उक्त संबंध में डॉ. एन. आर. नवरत्न ने सभी विभागों से यह अपील की है कि कुलर, टब, गमला या अन्य टुटी-फूटी सामानों को व्यवस्थित किया जायें एवं उनमें पानी का जमाव न हो। पानी के जमाव होने के कारण मच्छर पनपते है, जिससे मलेरिया व डेंगू जैसे बिमारी उत्पन्न होती है। जिन स्थानों में अनावश्यक रूप से पानी का ठहराव हो वहां पर सोर्स रिडक्षन कर टेमीफॉस या केरोसिन का तेल या जले हुए तेल का प्रयोग किया जा सकता है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 05 मई से 10 मई 2022 तक
जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन 5 मई से 07 मई 2022 तक व 9 से 10 मई 2022 तक मॉप दिवस का आयोजन किया जायेगा। जिसमें 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों किशोर/किशोरियांे को मितानिन व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा घर-घर भ्रमण कर एवं समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों व स्वास्थ्य केन्द्रों में कृमि नाशक दवा (एल्बेन्डाजॉल) 400 एम.जी की दवा का सेवन समुदाय स्तर पर कराया जायेगा। जिसमें 1 से 2 वर्ष के बच्चों को आधी गोली पीसकर एवं 2 से 3 वर्ष के बच्चों को 1 गोली पीस करके एवं 3 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एक गोली चबाकर खिलाई जायेगी। जिले में 261865 बच्चों को एल्बेन्डाजॉल की गोली खिलाये जाने का लक्ष्य है। 19 अप्रैल 2022 को समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक का आयोजन सम्पन्न किया गया। उक्त बैठक में पंचायत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, आदिम जाति विभाग, को कार्यक्रम के क्रियान्वयन, व सुचारू संचालन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। जिसमें आवश्यक मॉनिटरिंग, आवश्यक प्रचार-प्रसार, मुनादी, प्रपत्र की छपाई, पोस्टर, प्रशिक्षण, दवाईयों की उपलब्धता, व किशोर/किशोरियों व अभिभावको को दवा सेवन के बारे में जानकारी प्रदाय कर शत प्रतिशत दवा सेवन कराया जाना सम्मिलित है।
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लू लगने के लक्षण
लू लगने पर शरीर में गर्माहट, सिरदर्द, कमजोरी, शरीर टूटना, बार-बार मुंह सूखना, उल्टी चक्कर, सांस लेने में तकलीफ, दस्त और कई बार निढाल या बेहोशी जैसे लक्षण नजर आते हैं, ध्यान रहे कि लू लगने पर पसीना नही आता है। लू लगने पर ऑंखों में जलन भी होती है। लू लगने के कारण अचानक बेहोशी व अंततः रोगी की मौत तक हो सकती है। इसमें निम्न रक्तचाप और लिवर-किडनी में सोडियम पोटैशियम का संतुलन बिगड़ जाता है, इसलिए बेहोशी भी आ सकती है, इसके अलावा ब्रेन या हार्ट स्ट्रोक की स्थिति भी बन सकती है। इस दौरान शरीर का तापमान एकदम से बढ़ जाता है अक्सर बुखार बहुत ज्यादा 105 से 106 डिग्री फॉरेनहाईट तक पहुॅच जाता है। हाथ और पैरों के तलुओं में जलन होती रहती है।
लू लगने के सामान्य उपचार
लू लगने वाले व्यक्ति को आसानी से कुछ सामान्य उपचार के जरिए भी बचाया जा सकता है-
जब भी बाहर गर्मी चरम पर हो तो कम से कम बाहर निकलकर लू से बचा जा सकता है लेकिन यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो अधिक से अधिक पानी पीकर निकलें ध्यान रहे कि खाली पेट न निकलें। पीड़ित व्यक्ति को सबसे पहले छांव में लायें, फिर उसके लिए हवा का इंतजाम करें, गमी के कारण शरीर का तापमान हुई वृद्वि छाया में आने से तापमान सामान्य आना शुरू हो जाता है । उस व्यक्ति को नमक शक्कर और पानी का घोल मुॅंह से पिलायें, बेहतरी के लिए शरीर पर हल्का सा गर्म पानी भी छिड़क सकतें है। चाहे तो गीली चादर में लपेटकर भी तापमान को कम करने का प्रयास कर सकतें हैं। हाथ पैर की मालिश करें जिससे रक्त संचरण प्रभावित होता है। संभव हो तो बर्फ के टुकड़े कपड़े में लपेटकर गर्दन, बगलों और जांघों पर रखे इससे गर्मी जल्दी निकलती है। धूप में घर से बाहर निकलें तो छतरी एवं टोपी का इस्तेमाल करें, नंगे बदन और नंगे पैर धूप में ना खड़ें हो।
तरल पदार्थाे के रूप में आप नींबू पानी, आम पना, छाछ, लस्सी, नारियल पानी, बेल या नींबू का शर्बत जैसे तरल पदार्थों का उपयोग करते रहें। ढीले और सूती कपड़े पहनना ज्यादा उचित होता है। अचानक से गर्मी से एकदम ठंडे कमरें मे ना जाएं। जितना हो सके हरी सब्जियों का सेवन करें, खीरा, ककड़ी एवं अन्य फलों का भरपूर सेवन करें। यदि आपके पास सुविधा हो तो ठंडे वातानुकूलित कमरे में रहें। लू लगने के लक्षण एवं बचाव के उपाय का तापमान तेज होने पर सिर पर ठंडी पट्टी रखें। अधिक पसीना आने पर ओ.आर.एस का घोल पिए जो कि मितानिन के पास मुफ्त में उपलब्ध है।
ब्लड कैंसर मरीज की जांच हेतु रेडक्रॉस से 20 हजार रुपये सहायता राशि
जॉंच पश्चात् दवाईयां भी दी गई
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गरियाबंद 20 अप्रैल 2022/ कलेक्टर नम्रता गांधी की पहल पर जिला गरियाबंद अंतर्गत फिंगेश्वर विकासखंड के ब्लड कैंसर से पीड़ित एक मरीज को आयुष्मान कार्ड के माध्यम से बाल्को कैंसर हॉस्पिटल अटल नगर रायपुर में ब्लड कैंसर के निःशुल्क बेहतर इलाज के संबंध में इलाज पूर्व बीमारी की जांच हेतु जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा जांच हेतु 20 हजार रूपये की सहायता राशि चेक के माध्यम से प्रदाय किया गया। उक्त मरीज को जांच पश्चात आवश्यक दवाईयां मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एन.आर. नवरत्न द्वारा उपलब्ध कराया गया।🦟🦟🦟🦟🦟🦟🦟🦟🪳🦗🦟🦟🦟🦟🦟
विश्व मलेरिया दिवस 25 अप्रैल व डेंगू दिवस 16 मई को
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 5 मई से 10 मई तक
गरियाबंद 20 अप्रैल 2022/ राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत 25 अप्रैल 2022 को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जायेगा। उक्त संबंध में 19 अप्रैल 2022 को कलेक्टर नम्रता गांधी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें सभी विभागों को विश्व मलेरिया दिवस मनाये जाने के दौरान व्यापक प्रचार-प्रसार किये जाने का निर्देश दिया गया है। मलेरिया मुक्त जिला बनाने हेतु किये जा रहे कार्य का विवरण डी.डी.टी. छिड़काव - राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत मलेरिया परजीवी को नष्ट करने के लिये मलेरिया रोधी दवा का छिड़काव दो चक्रों में किया जाता है। वर्ष 2019 व 2020 में दो एपीआई से अधिक एवं वर्ष 2021 में पांच एपीआई से अधिक वाले उपस्वास्थ्य केन्द्र के आश्रित ग्रामों में मलेरिया रोधी दवा घोल का छिड़काव किया गया। चिरस्थायी दीर्घकालिक दवा लेपित मच्छदानी - गरियाबंद जिलें के मलेरिया प्रभावित क्षेत्र गरियाबंद,छुरा एवं मैनपुर में वर्ष 2018-19 में 218200 एवं वर्ष 2020-21 में 75077 मच्छरदानी का वितरण किया गया। गम्बुजिया मछली - मलेरिया मच्छर जनित रोग है एवं इसकी चार अवस्था क्रमषः अण्डा, लार्वा, प्यूपा, एवं व्यस्क होती है। गम्बुजिया मछली मादा ऐनॉफिलीज मच्छर के लार्वा को अपना आहार बनाती है। इस हेतु जिले के विभिन्न जलस्त्रोतों में गम्बुजिया मछली का संवर्धन एवं विमुक्तिकरण किया गया है।विश्व डेंगू दिवस
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत 16 मई 2022 को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाना है। उक्त संबंध में डॉ. एन. आर. नवरत्न ने सभी विभागों से यह अपील की है कि कुलर, टब, गमला या अन्य टुटी-फूटी सामानों को व्यवस्थित किया जायें एवं उनमें पानी का जमाव न हो। पानी के जमाव होने के कारण मच्छर पनपते है, जिससे मलेरिया व डेंगू जैसे बिमारी उत्पन्न होती है। जिन स्थानों में अनावश्यक रूप से पानी का ठहराव हो वहां पर सोर्स रिडक्षन कर टेमीफॉस या केरोसिन का तेल या जले हुए तेल का प्रयोग किया जा सकता है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 05 मई से 10 मई 2022 तक
जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन 5 मई से 07 मई 2022 तक व 9 से 10 मई 2022 तक मॉप दिवस का आयोजन किया जायेगा। जिसमें 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों किशोर/किशोरियांे को मितानिन व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा घर-घर भ्रमण कर एवं समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों व स्वास्थ्य केन्द्रों में कृमि नाशक दवा (एल्बेन्डाजॉल) 400 एम.जी की दवा का सेवन समुदाय स्तर पर कराया जायेगा। जिसमें 1 से 2 वर्ष के बच्चों को आधी गोली पीसकर एवं 2 से 3 वर्ष के बच्चों को 1 गोली पीस करके एवं 3 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एक गोली चबाकर खिलाई जायेगी। जिले में 261865 बच्चों को एल्बेन्डाजॉल की गोली खिलाये जाने का लक्ष्य है। 19 अप्रैल 2022 को समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक का आयोजन सम्पन्न किया गया। उक्त बैठक में पंचायत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, आदिम जाति विभाग, को कार्यक्रम के क्रियान्वयन, व सुचारू संचालन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। जिसमें आवश्यक मॉनिटरिंग, आवश्यक प्रचार-प्रसार, मुनादी, प्रपत्र की छपाई, पोस्टर, प्रशिक्षण, दवाईयों की उपलब्धता, व किशोर/किशोरियों व अभिभावको को दवा सेवन के बारे में जानकारी प्रदाय कर शत प्रतिशत दवा सेवन कराया जाना सम्मिलित है।
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जीपीएफ फाइनल पेमेंट का भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश
गरियाबंद 20 अप्रैल 2022/ शासन द्वारा पेंशनरों के लंबित स्वत्वों के यथाशीघ्र भुगतान हेतु समय-समय पर आवश्यक निर्देश आदि जारी किये जाते रहें हैं। इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा समस्त कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिये गये है कि महालेखाकार छ0ग0 कार्यालय से ई-प्राधिकार पत्र जारी होने के 07 कार्य दिवसों में देयक तैयार कर कोषालय में अनिवार्यतः प्रस्तुत करेगें। प्रकरण के त्वरित निराकरण हेतु समय-सीमा में जी.पी.एफ. फाइनल पेमेंट का भुगतान शासन की मंशानुकूल सुनिश्चित करने बाबत पत्र जारी किये गये, किन्तु देखने में आ रहा है कि कतिपय कार्यालयों द्वारा लंबित स्वत्वों के भुगतान में अनावश्यक विलंब की स्थिति निर्मित की जा रही है, जो उचित नही है। कलेक्टर नम्रता गांधी ने निर्देशित किया है कि प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए महालेखाकार से जी.पी.एफ. फाइनल पेमेंट के प्रकरण ऑनलाइन प्राप्त होते ही 07 कार्य दिवसों के अंदर प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही करते हुए संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के देयक कोषालय को प्रस्तुत कर, भुगतान सुनिश्चित करें, अन्यथा विलंब हेतु संबंधित कार्यालय प्रमुख की जवाबदेही तय की जावेगी। निर्देशों का कड़ाई से पालन करने कहा गया ह🎥🎥🎥🎥🎥🎥🎥🎥🎥
शव परीक्षण के पश्चात मृत मादा हाथी को दफनाया गया
गरियाबंद 20 अप्रैल 2022/ धमतरी जिले से विचरण करते आये मादा हाथी का विचरण गरियाबंद वनमण्डल के धवलपुर परिक्षेत्र के पंडरीपानी में था। हाथी के विचरण की निगरानी हाथी मित्र एवं वनकर्मियों द्वारा किया जा रहा था। वनमण्डलाधिकारी श्री मयंक अग्रवाल ने बताया कि 19 अप्रैल 2022 लगभग दोपहर 12ः30 बजे मादा हाथी सिकासेर डुबान क्षेत्र के झाड़ियों में बैठे हालत में हाथी मित्रों द्वारा देखा गया। जिसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दिया गया। सूचना पर उप वनमंडलाधिकारी गरियाबंद एवं पशु चिकित्सकों के साथ मौके पर पहुँचने एवं निरीक्षण पर एक मादा हाथी उम्र लगभग 35 वर्ष मृत अवस्था में पाया गया। जिसकी जीसूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दिया गया। सूचना पर पशु चिकित्सक डॉक्टर राकेश वर्मा, डॉक्टर पंचभाई एवं डॉक्टर जोशी घटना स्थल पहुचंकर मृत हथिनी का परीक्षण किया गया। प्राथमिक परीक्षण में हथिनी की मृत्यु मुख गुहा की तीव्र सूजन एवं मूत्राशय एरिया में अत्यधिक संक्रमण होना पाया है। शव परीक्षण के दौरान मुख्य वनसंरक्षक (वन्य प्राणी ) श्री पैकरा, वन मंडलाधिकारी गरियाबन्द श्री मयंक अग्रवाल, उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व के उप संचालक श्री वरुण जैन, पशु चिकित्सक गण, उपवनमण्डल अधिकारी श्री मनोज चन्द्राकर, राजेन्द्र सोरी, सहायक संचालक उदंती श्री एस एस नाविक, परिक्षेत्र अधिकारी गण, वन कर्मी एवं हाथी मित्र दल सदस्य मौजूद थे। शाम हो जाने के कारण शव परीक्षण का कार्य नही किया जा सका था। शव परीक्षण बुधवार को प्रातः 7 बजे तीन पशु चिकित्सक एवं वन विभाग के वरिष्ठतम अधिकारियों, वन कर्मियों व हाथी मित्रों में उपस्थिति किया गया। तत्पश्चात मृत मादा हाथी को ससम्मान दफनाया गया।एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में काउंसिलिंग 21 अप्रैल को
गरियाबंद 20 अप्रैल 2022/ आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग नया रायपुर के निर्देशानुसार जिला अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय गरियाबंद/मैनपुर (अंग्रेजी माध्यम) में वर्ष 2022-23 कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन कर प्रावीण्यता के आधार पर 60-60 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाना है, परीक्षा का आयोजन 03 अप्रैल 2022 को तक आयोजित किया गया था। प्रवेश परीक्षा उपरांत 7 अप्रैल को अंतरिम सूची जारी करते हुए 13 अप्रैल 2022 तक दावा आपत्ति हेतु आवेदन मंगाया गया था, प्राप्त आवेदन पत्रों का निराकरण उपरांत संस्था में प्रवेश हेतु विद्यार्थियों की अंतिम सूची एवं प्रतिक्षा जारी किया गया है। जानकारी जिला के वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट गरियाबंद डॉट इन से डाउनलोड कर प्राप्त की जा सकती है। साथ ही कार्यालय में चस्पा किया गया है, जिसका अवलोकन किया जा सकता है। चयनित विद्यार्थियों का 21 अप्रैल 2022 से संस्था में प्रवेश हेतु काउंसलिंग एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय गरियाबंद के माध्यम से किया जावेगा।---------- Forwarded message ---------
From: Pro Gariaband <progariaband@gmail.com>
Date: Wed, 20 Apr 2022, 5:33 pm
Subject: News & Photo 20-04-2022
To: Dpr Cg <dprcgh@gmail.com>
Cc: <mrigendrasori@gmail.com>, sukhan nishad <sukhannishad1995@gmail.com>, Poshan Sahu <poshanksahu@gmail.com>, RAKESH SINHA <rakeshsinha1108@gmail.com>
From: Pro Gariaband <progariaband@gmail.com>
Date: Wed, 20 Apr 2022, 5:33 pm
Subject: News & Photo 20-04-2022
To: Dpr Cg <dprcgh@gmail.com>
Cc: <mrigendrasori@gmail.com>, sukhan nishad <sukhannishad1995@gmail.com>, Poshan Sahu <poshanksahu@gmail.com>, RAKESH SINHA <rakeshsinha1108@gmail.com>
जिला जनसंपर्क कार्यालय गरियाबंद, छत्तीसगढ़
समाचार
लू लगने के लक्षण एवं बचाव के उपाय
गरियाबंद 20 अप्रैल 2022 / ग्रीष्म ऋतु के मौसम में तापमान में वृद्वि के चलते अप्रैल से जून माह के दौरान भीषण गर्मी पड़ने तथा लू चलने की संभावना है। जिससे आम जनजीवन व स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जिसे देखते हुए कलेक्टर नम्रता गांधी ने जिलेवासियों से आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय करने की अपील की है। वही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एन.आर. नवरत्न ने बताया कि गर्मियों में लू लगने की समस्या आम है। अंग्रेजी मे इसे हीट स्ट्रोक और सनस्ट्रोक के नाम से जाना जाता है। जब तापमान चरम पर होता है और गर्म हवा के झोकें चलते हैं तब लू लग सकती है, इसमें हमारे शरीर के द्रव सूखने लगते है, जिससे पानी और नमक की कमी हो जाती है और लू लगने का खतरा उत्पन्न हो जाता है। लू लगने पर शरीर में गर्माहट और थकावट महसूस होने लगती है लू लगने के कारण कई और मामूली बीमारियां जैसे की हीट एडेमा, शरीर का सूजना, हीट रैशेस ,हीट क्रैम्प्स, शरीर में अकड़न और बेहोशी आदि भी हो सकती है। चिकित्सकीय भाषा में शरीर के तापमान को 105 डिग्री फारेनहाइट से अधिक रहने पर और शरीर के सेंट्रल नर्वस सिस्टम में जटिलताओं के पेश आने पर लू लगना कहते है।
लू लगने के लक्षण
लू लगने पर शरीर में गर्माहट, सिरदर्द, कमजोरी, शरीर टूटना, बार-बार मुंह सूखना, उल्टी चक्कर, सांस लेने में तकलीफ, दस्त और कई बार निढाल या बेहोशी जैसे लक्षण नजर आते हैं, ध्यान रहे कि लू लगने पर पसीना नही आता है। लू लगने पर ऑंखों में जलन भी होती है। लू लगने के कारण अचानक बेहोशी व अंततः रोगी की मौत तक हो सकती है। इसमें निम्न रक्तचाप और लिवर-किडनी में सोडियम पोटैशियम का संतुलन बिगड़ जाता है, इसलिए बेहोशी भी आ सकती है, इसके अलावा ब्रेन या हार्ट स्ट्रोक की स्थिति भी बन सकती है। इस दौरान शरीर का तापमान एकदम से बढ़ जाता है अक्सर बुखार बहुत ज्यादा 105 से 106 डिग्री फॉरेनहाईट तक पहुॅच जाता है। हाथ और पैरों के तलुओं में जलन होती रहती है।
लू लगने के सामान्य उपचार
लू लगने वाले व्यक्ति को आसानी से कुछ सामान्य उपचार के जरिए भी बचाया जा सकता है-
जब भी बाहर गर्मी चरम पर हो तो कम से कम बाहर निकलकर लू से बचा जा सकता है लेकिन यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो अधिक से अधिक पानी पीकर निकलें ध्यान रहे कि खाली पेट न निकलें। पीड़ित व्यक्ति को सबसे पहले छांव में लायें, फिर उसके लिए हवा का इंतजाम करें, गमी के कारण शरीर का तापमान हुई वृद्वि छाया में आने से तापमान सामान्य आना शुरू हो जाता है । उस व्यक्ति को नमक शक्कर और पानी का घोल मुॅंह से पिलायें, बेहतरी के लिए शरीर पर हल्का सा गर्म पानी भी छिड़क सकतें है। चाहे तो गीली चादर में लपेटकर भी तापमान को कम करने का प्रयास कर सकतें हैं। हाथ पैर की मालिश करें जिससे रक्त संचरण प्रभावित होता है। संभव हो तो बर्फ के टुकड़े कपड़े में लपेटकर गर्दन, बगलों और जांघों पर रखे इससे गर्मी जल्दी निकलती है। धूप में घर से बाहर निकलें तो छतरी एवं टोपी का इस्तेमाल करें, नंगे बदन और नंगे पैर धूप में ना खड़ें हो। तरल पदार्थाे के रूप में आप नींबू पानी, आम पना, छाछ, लस्सी, नारियल पानी, बेल या नींबू का शर्बत जैसे तरल पदार्थों का उपयोग करते रहें। ढीले और सूती कपड़े पहनना ज्यादा उचित होता है। अचानक से गर्मी से एकदम ठंडे कमरें मे ना जाएं। जितना हो सके हरी सब्जियों का सेवन करें, खीरा, ककड़ी एवं अन्य फलों का भरपूर सेवन करें। यदि आपके पास सुविधा हो तो ठंडे वातानुकूलित कमरे में रहें। शरीर का तापमान तेज होने पर सिर पर ठंडी पट्टी रखें। अधिक पसीना आने पर ओ.आर.एस का घोल पिए जो कि मितानिन के पास मुफ्त में उपलब्ध है।
क्रमांक- 56/पोषण
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समाचार
ब्लड कैंसर मरीज की जांच हेतु रेडक्रॉस से 20 हजार रुपये सहायता राशि
जॉंच पश्चात् दवाईयां भी दी गई
गरियाबंद 20 अप्रैल 2022/ कलेक्टर नम्रता गांधी की पहल पर जिला गरियाबंद अंतर्गत फिंगेश्वर विकासखंड के ब्लड कैंसर से पीड़ित एक मरीज को आयुष्मान कार्ड के माध्यम से बाल्को कैंसर हॉस्पिटल अटल नगर रायपुर में ब्लड कैंसर के निःशुल्क बेहतर इलाज के संबंध में इलाज पूर्व बीमारी की जांच हेतु जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा जांच हेतु 20 हजार रूपये की सहायता राशि चेक के माध्यम से प्रदाय किया गया। उक्त मरीज को जांच पश्चात आवश्यक दवाईयां मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एन.आर. नवरत्न द्वारा उपलब्ध कराया गया।क्रमांक- 57/पोषण
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समाचार
विश्व मलेरिया दिवस 25 अप्रैल व डेंगू दिवस 16 मई को
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 5 मई से 10 मई तक
गरियाबंद 20 अप्रैल 2022/ राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत 25 अप्रैल 2022 को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जायेगा। उक्त संबंध में 19 अप्रैल 2022 को कलेक्टर नम्रता गांधी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें सभी विभागों को विश्व मलेरिया दिवस मनाये जाने के दौरान व्यापक प्रचार-प्रसार किये जाने का निर्देश दिया गया है। मलेरिया मुक्त जिला बनाने हेतु किये जा रहे कार्य का विवरण डी.डी.टी. छिड़काव - राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत मलेरिया परजीवी को नष्ट करने के लिये मलेरिया रोधी दवा का छिड़काव दो चक्रों में किया जाता है। वर्ष 2019 व 2020 में दो एपीआई से अधिक एवं वर्ष 2021 में पांच एपीआई से अधिक वाले उपस्वास्थ्य केन्द्र के आश्रित ग्रामों में मलेरिया रोधी दवा घोल का छिड़काव किया गया। चिरस्थायी दीर्घकालिक दवा लेपित मच्छदानी - गरियाबंद जिलें के मलेरिया प्रभावित क्षेत्र गरियाबंद,छुरा एवं मैनपुर में वर्ष 2018-19 में 218200 एवं वर्ष 2020-21 में 75077 मच्छरदानी का वितरण किया गया। गम्बुजिया मछली - मलेरिया मच्छर जनित रोग है एवं इसकी चार अवस्था क्रमषः अण्डा, लार्वा, प्यूपा, एवं व्यस्क होती है। गम्बुजिया मछली मादा ऐनॉफिलीज मच्छर के लार्वा को अपना आहार बनाती है। इस हेतु जिले के विभिन्न जलस्त्रोतों में गम्बुजिया मछली का संवर्धन एवं विमुक्तिकरण किया गया है।विश्व डेंगू दिवस
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत 16 मई 2022 को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाना है। उक्त संबंध में डॉ. एन. आर. नवरत्न ने सभी विभागों से यह अपील की है कि कुलर, टब, गमला या अन्य टुटी-फूटी सामानों को व्यवस्थित किया जायें एवं उनमें पानी का जमाव न हो। पानी के जमाव होने के कारण मच्छर पनपते है, जिससे मलेरिया व डेंगू जैसे बिमारी उत्पन्न होती है। जिन स्थानों में अनावश्यक रूप से पानी का ठहराव हो वहां पर सोर्स रिडक्षन कर टेमीफॉस या केरोसिन का तेल या जले हुए तेल का प्रयोग किया जा सकता है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 05 मई से 10 मई 2022 तक
जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन 5 मई से 07 मई 2022 तक व 9 से 10 मई 2022 तक मॉप दिवस का आयोजन किया जायेगा। जिसमें 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों किशोर/किशोरियांे को मितानिन व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा घर-घर भ्रमण कर एवं समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों व स्वास्थ्य केन्द्रों में कृमि नाशक दवा (एल्बेन्डाजॉल) 400 एम.जी की दवा का सेवन समुदाय स्तर पर कराया जायेगा। जिसमें 1 से 2 वर्ष के बच्चों को आधी गोली पीसकर एवं 2 से 3 वर्ष के बच्चों को 1 गोली पीस करके एवं 3 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एक गोली चबाकर खिलाई जायेगी। जिले में 261865 बच्चों को एल्बेन्डाजॉल की गोली खिलाये जाने का लक्ष्य है। 19 अप्रैल 2022 को समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक का आयोजन सम्पन्न किया गया। उक्त बैठक में पंचायत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, आदिम जाति विभाग, को कार्यक्रम के क्रियान्वयन, व सुचारू संचालन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। जिसमें आवश्यक मॉनिटरिंग, आवश्यक प्रचार-प्रसार, मुनादी, प्रपत्र की छपाई, पोस्टर, प्रशिक्षण, दवाईयों की उपलब्धता, व किशोर/किशोरियों व अभिभावको को दवा सेवन के बारे में जानकारी प्रदाय कर शत प्रतिशत दवा सेवन कराया जाना सम्मिलित है।
क्रमांक-58/पोषण
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समाचार
जीपीएफ फाइनल पेमेंट का भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश
गरियाबंद 20 अप्रैल 2022/ शासन द्वारा पेंशनरों के लंबित स्वत्वों के यथाशीघ्र भुगतान हेतु समय-समय पर आवश्यक निर्देश आदि जारी किये जाते रहें हैं। इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा समस्त कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिये गये है कि महालेखाकार छ0ग0 कार्यालय से ई-प्राधिकार पत्र जारी होने के 07 कार्य दिवसों में देयक तैयार कर कोषालय में अनिवार्यतः प्रस्तुत करेगें। प्रकरण के त्वरित निराकरण हेतु समय-सीमा में जी.पी.एफ. फाइनल पेमेंट का भुगतान शासन की मंशानुकूल सुनिश्चित करने बाबत पत्र जारी किये गये, किन्तु देखने में आ रहा है कि कतिपय कार्यालयों द्वारा लंबित स्वत्वों के भुगतान में अनावश्यक विलंब की स्थिति निर्मित की जा रही है, जो उचित नही है। कलेक्टर नम्रता गांधी ने निर्देशित किया है कि प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए महालेखाकार से जी.पी.एफ. फाइनल पेमेंट के प्रकरण ऑनलाइन प्राप्त होते ही 07 कार्य दिवसों के अंदर प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही करते हुए संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के देयक कोषालय को प्रस्तुत कर, भुगतान सुनिश्चित करें, अन्यथा विलंब हेतु संबंधित कार्यालय प्रमुख की जवाबदेही तय की जावेगी। निर्देशों का कड़ाई से पालन करने कहा गया है।क्रमांक- 59/पोषण
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समाचार
शव परीक्षण के पश्चात मृत मादा हाथी को दफनाया गया
क्रमांक- 60/पोषण
फोटो- मृत मादा हाथी को दफनाया गया।
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समाचार
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में काउंसिलिंग 21 अप्रैल को
गरियाबंद 20 अप्रैल 2022/ आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग नया रायपुर के निर्देशानुसार जिला अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय गरियाबंद/मैनपुर (अंग्रेजी माध्यम) में वर्ष 2022-23 कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन कर प्रावीण्यता के आधार पर 60-60 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाना है, परीक्षा का आयोजन 03 अप्रैल 2022 को तक आयोजित किया गया था। प्रवेश परीक्षा उपरांत 7 अप्रैल को अंतरिम सूची जारी करते हुए 13 अप्रैल 2022 तक दावा आपत्ति हेतु आवेदन मंगाया गया था, प्राप्त आवेदन पत्रों का निराकरण उपरांत संस्था में प्रवेश हेतु विद्यार्थियों की अंतिम सूची एवं प्रतिक्षा जारी किया गया है। जानकारी जिला के वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट गरियाबंद डॉट इन से डाउनलोड कर प्राप्त की जा सकती है। साथ ही कार्यालय में चस्पा किया गया है, जिसका अवलोकन किया जा सकता है। चयनित विद्यार्थियों का 21 अप्रैल 2022 से संस्था में प्रवेश हेतु काउंसलिंग एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय गरियाबंद के माध्यम से किया जावेगा।क्रमांक- 61/पोषण
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