आज दिनांक 21 सितम्बर 2022 को प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना अंतर्गत जलग्रहण घटक के तहत जिला
*आज दिनांक 21 सितम्बर 2022 को प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना अंतर्गत जलग्रहण घटक के तहत जिला गरियाबंद
टोनही नाला जलग्रहण परियोजना गरियाबंद एवम् खडकानाला जलग्रहण परियोजना देवभोग के 15 सरपंच एवम् 4 अधिकारीयों सहित कुल 40 प्रशिक्षणार्थी नरसिंह ध्रुव परियोजना अधिकारी के नेतृत्व में छः दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण एवम् प्रशिक्षण हेतु गरियाबंद से श्रीमती लोकेश्वरी नेताम सभापति कृषि स्थाई समिति जिला पंचायत गरियाबंद एवम् श्री संदीप कुमार भोई उप संचालक कृषि गरियाबंद द्वारा हरा झंडा दिखाकर रवाना किया गया।*
टोनही नाला जलग्रहण परियोजना गरियाबंद एवम् खडकानाला जलग्रहण परियोजना देवभोग के 15 सरपंच एवम् 4 अधिकारीयों सहित कुल 40 प्रशिक्षणार्थी नरसिंह ध्रुव परियोजना अधिकारी के नेतृत्व में छः दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण एवम् प्रशिक्षण हेतु गरियाबंद से श्रीमती लोकेश्वरी नेताम सभापति कृषि स्थाई समिति जिला पंचायत गरियाबंद एवम् श्री संदीप कुमार भोई उप संचालक कृषि गरियाबंद द्वारा हरा झंडा दिखाकर रवाना किया गया।*
*श्रीमती लोकेश्वरी नेताम द्वारा सभी 40 प्रशिक्षणार्थियों को शुभकमनाये देते हुए प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्नत तकनीकियों को अपने अपने जलग्रहण क्षेत्र में अपनाने हेतु प्रेरित किया गया और साथ ही कहा गया कि किसानों को समय समय पर उन्नत तकनीकियों और कृषि संबंधी नई खोज से अवगत कराने हेतु समय समय पर कृषक प्रशिक्षण एवम् शैक्षणिक भ्रमण कराया जाना चाहिए। मैं विभाग के जलग्रहण परियोजना अधिकारियों को शैक्षणिक भ्रमण कराने हेतु धन्यवाद देती हूँ।
*उप संचालक कृषि श्री संदीप कुमार भोई द्वारा बताया गया कि जिले में दो नई जलग्रहण परियोजना विकासखंड गरियाबंद एवम् विकासखंड देवभोग में संचालित है जिसके प्रथम चरण में जलग्रहण समितियों के अध्यक्ष एवम् किसानों का प्रशिक्षण एक महत्वपूर्ण घटक है जिसके तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की संस्थान भारतीय जल प्रबंधन संस्थान भुवनेश्वर में दिनांक 22 सितम्बर 2022 से 24 सितम्बर 2022 तक तीन दिवसीय "जलग्रहण क्षेत्र में जल संचयन एवम् जल प्रबंधन तथा मृदा संरक्षण" विषय पर राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इसके अलावा भुवनेश्वर के जलग्रहण क्षेत्र में भ्रमण करवा कर वहा पर अपनाई जा रही मृदा एवम् जल संरक्षण गतिविधियों एवम् संरचनाओं का अवलोकन करेंगे तथा जल प्रबंधन संस्थान में किये जा रहे नई खोज एवम् तकनीकियों का वहा के वैज्ञानिकों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को अनुसंधान केन्द्र में अवगत कराया जायेगा ।*

