श्रधालुओ के लिये बड़ी ख़बर -भगवान राजीवलोचन कुलेश्वर की पवित्र धरा प्रयागराज राजिम में कल बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से बाबा उमा महेश्वर की पालकी पहुँचेगी
श्रधालुओ के लिये बड़ी ख़बर -भगवान राजीवलोचन कुलेश्वर की पवित्र धरा राजिम में कल बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से बाबा उमा महेश्वर की पालकी पहुँचेगी
राजिम
भगवान राजीवलोचन कुलेश्वर की पवित्र धरा राजिम में बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से बाबा उमा महेश्वर की पालकी राजिम में आने वाली है ,
सावन का महीना देवों के देव महादेव को समर्पित होता है। इस महीने में नित प्रतिदिन शिव परिवार की पूजा-आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि सावन के महीने में शिव परिवार की पूजा उपासना करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही घर में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।पालकी यात्रा को ले कर श्री मनीष दुबे जी ने बताया सभी शिव भक्त दिनांक 27 तारीख को मनीष पद्मा दुबे जी के निवास में बाबा पूरे दिन दर्शन देंगे और शाम 4 बजे बाबा की पालकी शोभायात्रा बाबा गरीबनाथ मन्दिर से निकले गी वहाँ से गायत्री मन्दिर चौक पंडित सुंदर लाल शर्मा चौक होते हुये मनीष दुबे जी के निजनिवास में रात्रि विश्राम करेगी सभी भक्तगण धर्मनगरी राजिम में बाबा का दर्शन लाभ ले सकते है सावन महीने में रोज करें उमा महेश्वर स्तोत्र का पाठ, प्राप्त होगा शिव-पार्वती का आशीर्वाद मनीष दुबे
मनीष दुबे ने बतलाया उमा महेश्वर की धार्मिक मान्यता है कि सावन के महीने में देवों के देव महादेव की पूजा उपासना करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही घर में सुख समृद्धि और शांति बनी रहती है। इस व्रत के पुण्य प्रताप से विवाहित स्त्रियों को अखंड सुहाग की प्राप्ति होती हैं। वहीं अविवाहितों को मनचाहा वर मिलता है।
अतः साधक श्रद्धा भाव से सृष्टि के रचयिता भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। अगर आप भी सावन के महीने में भगवान शिव और माता पार्वती को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो प्रतिदिन भगवान शिव का जलाभिषेक करें। साथ ही विधि विधान से महादेव और माता पार्वती की पूजा करें। पूजा के समय उमा महेश्वर स्तोत्र का पाठ अवश्य करें। इस स्तोत्र के पाठ से न केवल मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है, बल्कि मानसिक और शारीरिक कष्टों से भी मुक्ति मिलती है। आइए, उमा महेश्वर स्तोत्र का पाठ करिए।

